न्यूरल ट्यूब डिफ़ेक्ट(प्रकृतिक ट्यूब विकारता)

Neural Tube Defect

आपकी प्रेगनेंसी पर न्यूरल ट्यूब डिफ़ेक्ट से कुछ असर पड़ेगा इस बात की संभावना 1000 में से एक बार से कम है। हालांकि कई कारकों की वजह से इसका रिस्क बढ़ सकता है। सबसे बड़ा कारण है आपके किसी अपने को इस समस्या का होना।

न्यूरल ट्यूब डिफ़ेक्ट में स्पाइना बिफ़िडिया, एनेसेफेली, और एनसेफालोसेले शामिल है। माँ या बाप किसी के परिवार में भी दिक्कत हुई हो, लेकिन ये बच्चे को हो सकती है।

अगर आपका पहला बच्चा न्यूरल ट्यूब विकारता के साथ पैदा हो गया हो तो चान्स है की आपके नए बच्चे को भी ये विकार हो जाए, अगर आपके पार्टनर या आपके किसी पास के रिश्तेदार को ये समस्या हो तो आपको इंसुलिन पर आश्रित डायब्टीस हो सकती है, ये गर्भवस्था की डायब्टीस नहीं है।

दो-तिहाई न्यूरल ट्यूब डिफ़ेक्ट का उपचार किया जा सकता है, वो भी अच्छी मात्रा में फोलेट खाकर, आपको फोलेट प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में खाना होगा।

ये विकार 12 हफ्ते के बाद होने वाले अल्ट्रासाउंड में पता लगाया जा सकता है या इसका पता एनोमेली स्कैन में चलता है, ये टेस्ट 19 से 20 हफ्ते के बीच होता है।

न्यूरल ट्यूब

आपके जीवन के पहले महीने में भ्रूण कम विकसित ऊतक में बड़ा होता है जिसे ‘न्यूरल ट्यूब’ कहते हैं। जैसे ही भ्रूण या बच्चा बड़ा होता है वैसे ही ये ट्यूब हड्डियों के ढांचे, ऊतक, तंत्रिका में बदलती है, इससे अंत में रीढ़ और तंत्रिका तंत्र बनता है।

हालांकि स्पाइना बिफ़िडिया के केस में बच्चे की न्यूरल ट्यूब में कुछ खराबी आ जाती है और वो विकसित नहीं हो पाती है। जो हड्डी तंत्रिका को पूरी तरह से ढके रहती है वो पूरी तरह से बंद नहीं होती। स्पाइना बिफ़िडिया एक लेटिन शब्द है, जिसका मतलब होता है दो हिस्सों में बंटी रीढ़।