अविश्वसनीय: दंपत्ति बच्चा गोद लेने वाले थे, लेकिन भगवान ने उनके लिए कुछ और ही सोचा था!!

superfetation

जूलिया और उनके पति टॉड 3 सालों से बांझपन की समस्या से जूझ रहे थे। उन्होने सारी उम्मीदें छोड़ दी थी, और वो बच्चा गोद लेने वाले थे, लेकिन फिर एक अच्छी खबर सुनी। टेस्ट रिज़ल्ट पॉज़िटिव आया, और जूलिया व टॉड की खुशी का ठिकाना नहीं था। पर जब वो अल्ट्रासाउंड करवाने गए तो काफी अजीब घटना हुई।

जूलिया के पेट में एक लड़की थी, लेकिन फिर उन्हे पता चला की लड़की के बगल में एक लड़का भी था। उन्होने कुछ हफ्तों के अंदर दो बार गर्भ धारण कर लिया था।

आप शायद यकीन नहीं करेंगे, लेकिन प्रेगनेंसी के साथ भी दूसरी बार प्रेगनेंट होना संभव है।

गर्भवती महिला एक गर्भ के साथ फिर से प्रेगनेंट हो सकती है? अन्य शब्दों में क्या महिला अपने गर्भाशय में विकास के अलग चरणों में दो भ्रूण पाल सकती है?

हाँ, हालांकि यह काफी कम होता है, लेकिन ऐसा होना संभव है। इस घटना को टेक्निकल भाषा में ‘सुपरफेटेशन’ कहते हैं।

कम से कम दो हज़ार साल पहले ग्रीक दार्शनिक एरिस्टोटल ने इस मुद्दे की विवेचना की थी, लेकिन खरगोश के साथ।

उन्होने नोटिस किया की जब खरगोश ने बच्चों को जन्म दिया तब वो अलग प्रकार में आते थे: पहली में पूरे आकार के स्वस्थ खरगोश थे, और दूसरी में कमज़ोर और पतले बच्चे।

हालांकि छोटे, पतले बच्चों में कोई दिक्कत नहीं होती, फिर भी एरिस्टोटल को लगा की इन बच्चों ने अपनी माँ के गर्भाशय में अच्छे से समय नहीं गुज़ारा इसलिए उन्हे अच्छे से पोषण नहीं मिला। और वो बिलकुल सही थे।

सुपरफेटेशन इतने दुर्लभ क्यों होते हैं?

आमतौर पर इंसानों में तीन अलग अवरोध होते हैं जो महिला को प्रेगनेंसी में फिर से गर्भ धारण करने से रोकते हैं:

  • गर्भ धारण करने के बाद हार्मोनल बदलाव इसकी पहली वजह है-इस कारण अंडाशय और अंडे नहीं छोड़ता है।
  • दूसरा अवरोध शारीरिक है-बलगम डाट। गर्भ धारण करने के बाद एक प्लग ग्रीवा के अंदर अड़ जाता है और योनी के ऊपर बैठ जाता है। इससे कोई भी शुक्राणु गर्भाशय में नहीं आ पाता और किसी दूसरे अंडे के आने के कोई चान्स नहीं होते।
  • तीसरा, प्रेगनेंसी में गर्भाशय की आंतरिक परत पर कुछ रसायनिक और शारीरिक बदलाव होते हैं। यह बदलाव दूसरे अंडे को खुदको गर्भाशय की दीवार पर जोड़ने से रोकते हैं।

क्या सुपरफेटेशन आपके साथ हो सकता है?

सुपरफेटेशन इंसानो में एक अपवाद है, हिस्ट्री में एक दर्जन से कम केस में ऐसा हुआ है।

सुपरफेटेशन का एक बढ़िया उदाहरण है जूलिया ग्रोवनबर्ग नाम की 31 साल की महिला।

मिस ग्रोवनबर्ग और उनके पति गर्भधारण करने के लिए 3 सालों से कोशिश कर रहे थे, और उन्होने बच्चे को गोद लेने पर भी विचार बनाना शुरू कर दिया था।

लेकिन आश्चर्यजनक ढंग से 2009 में उन्होने दो बार गर्भ धारण किया, कुछ हफ्तों के अंतराल पर!!

किसी तरह ग्रोवनबर्ग प्रेगनेंट हो गई, लेकिन उसके बाद काफी अजीब घटना घटी। उनके अल्ट्रासाउंड में पता चला की उनके गर्भ में दो स्वतंत्र बच्चे हैं और दोनों की अलग-अलग थैली है। लेकिन एक दूसरे से ज़्यादा बड़ा और विकसित था।

रेगुलर अल्ट्रासाउंड से पता चला की दोनों भ्रूण नॉर्मल तरीके से बढ़ रहे हैं, और दोनों स्वस्थ थे। इसका मतलब था की मिस ग्रोवनबर्ग पहली बार गर्भवती होने के कुछ हफ्तों बाद फिर से गर्भ धारण कर चुकी थी।

क्या कोई ऐसा शोध है, जो बता सके की मिस ग्रोवनबर्ग के साथ क्या हुआ?

नहीं, हमारे पास इस केस का कोई पुख्ता सबूत नहीं है की यहाँ क्या हुआ। इसे साबित करने के लिए कई अल्ट्रासाउंड की ज़रूरत पड़ेगी।

स्कैन से पता चलेगा की क्या और कैसे बदलाव हुए- पहले गर्भाशय में किसी भी बच्चे को नहीं होना चाहिए, फिर एक भ्रूण एक एमनियोटिक थैली के साथ होना चाहिए और कुछ हफ्तों बाद दूसरा भ्रूण दूसरी एमनियोटिक थैली के साथ।

शारीरिक संबंध बनाने के बाद लोग हर बार ज़्यादा सिरियस होकर अल्ट्रासाउंड नहीं करवाते हैं, इसलिए ऊपर जो भी कहा कहा उसको साबित करना थोड़ा मुश्किल है।

सुपरफेटेशन एक काफी अजीब से घटना है, लेकिन ये घट सकती है!