प्रेगनेंसी में कब्ज के पाँच उपचार

Constipation during pregnancy

कब्ज में आपकी आंत में ज़्यादा ही गतिवधि रहती है, पेट में दर्द रहता है, और मल भी सख्त आता है।

अगर आप प्रेगनेंट हैं तो आपने कब्ज़ की ये तीनों निशानी अभी तक महसूस ही करली होंगी। हार्मोन्स बदलने, कोख में दबाव, और प्रसव से पूर्व आइरन की वजह से कब्ज़ होता है।

मुझे कब्ज़ क्यों है?

प्रेगनेंसी में प्रोजेस्ट्रोन नाम के होर्मोन के अधिक होने से आपकी मसल ढीली पड़ जाती है। इसमें आपकी आँतें भी शामिल हैं। धीमी गति से आंतों के चलने से आपका पाचन भी धीमा हो जाता है। इससे आपको मरोड़े हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में कब्ज़ होना काफी आम है। चार में से तीन महिलाओं को कब्ज़ या आंतों में दिक्कत की शिकायत होती है। दवाई से लेकर प्रकृतिक तरीकों से इसका उपचार किया जा सकता है।

इन पाँच तरीकों से आप कब्ज़ का उपचार कर सकते हैं

फाइबर सही मात्रा में लें

जिस भी आहार में अधिक मात्रा में फाइबर होता है, उससे कब्ज़ होने के खतरे कम होते हैं। फाइबर से प्रेगनेंट महिलाओं को विटामिन और एंटीडोक्सीडेंट भी होते हैं। प्रेगनेंट महिलाओं को हर दिन 25 से 30 ग्राम फाइबर लेना चाहिए। फाइबर को ताज़े फलों, सब्जियों, बीन, मटर, मसूर, सेरियल और अनाज वाली ब्रेड से प्राप्त कर सकते हैं।

आप रसभरी, सेब, केले, अंजीर, और स्ट्रॉबेरी का सलाद भी खा सकती हैं।

सही मात्रा में तरल पदार्थ लेना

प्रेगनेंसी में सही मात्रा में तरल पदार्थ लेना अहम हो जाता है। इसका मतलब आपके शरीर में पानी की दुगनी मात्रा होनी चाहिए।

प्रेगनेंट महिलाओं को दिन में कम से कम 12 आउंस ग्लास पानी पीना चाहिए। इससे उनकी आंत सॉफ्ट और पाचन तंत्र अच्छा रहता है।

आपको दिन में तीन बार हेवी खाना खाने की जगह पाँच से छह बार भोजन लेना चाहिए, इससे आपके कब्ज़ की समस्या सही रहती है। इससे आपके पेट में खाना सही प्रकार से पचेगा, और आपके पेट को ज़्यादा काम भी नहीं करना पड़ेगा। इससे भोजन सही प्रकार से भी कार्य में लाया जा सकता है।

भारी खाना लेने से आपका पेट भर सकता है और इससे आपके पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है।

शारीरिक एक्टिविटी से भी आपके कब्ज़ की समस्या कम हो सकती है। एक्सर्साइज़ करने से आपकी आंत सही प्रकार से काम करती है। प्रेगनेंट महिलाओं को प्रेगनेंसी में एक हफ्ते में तीन दिन एक्सर्साइज़ करनी चाहिए 20-30 मिनट के लिए।

एक्सर्साइज़ करने के विकल्प कई हैं। आप इस समय टहल सकती हैं, स्विमिंग कर सकती हैं या योगा कर सकती हैं। कोई भी एक्सर्साइज़ शुरू करने से पहले आपको अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह लेनी चाहिए।

अगर अन्य प्रकृतिक उपचार काम नहीं आए तो डॉक्टर आपको मल नरम करने की दवाई देंगे, इससे आपकी कब्ज़ की समस्या सही हो जाएगी। आपको इनका ज़्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे आपको पानी की कमी हो सकती है।

इस दवाई से आपकी आंत में नमी आती है। ये प्रेगनेंट महिलाओं के लिए काफी मददगार है। आपको डॉक्टर इस दवाई के साथ आपको आइरन की गोली भी देंगे। मल को नरम करने वाली दवाई लेने से पहले आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

मुख्य बात

प्रेगनेंसी में कब्ज़ होना काफी आम है और इसका उपचार करना भी संभव है।

आप ऊपर दिए गए रास्ते अपना सकती हैं और आपकी कब्ज़ की समस्या काफी कम हो जाएगी। वैसे बच्चे के पैदा होने के बाद सब अपने आप ही सही हो जाएगा।

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