आपको पीसीओएस की वजह से गर्भावस्था की डायब्टीस हो सकती है! गर्भावस्था की डायब्टीस के बारे में और जानें

Gestational Diabetes during pregnancy

गर्भावस्था की डायब्टीस स्थायी नहीं है। बच्चे का पैदा होने के बाद आपके शुगर का लेवल अपने आप नॉर्मल हो जाता है।

जब आप खाते हैं तो आपका पाचन तंत्र आपके खाने के ज़्यादा हिस्से को शुगर में बदल देता है, जिसे ग्लुकोज़ कहते हैं। इसके बाद आपकी कोशिका ग्लुकोज़ को ईंधन की तरह इस्तेमाल करती है। इंसुलिन से आपकी मसल, चर्बी और कोशिका को ग्लुकोज़ लेने में मदद मिलती है।

लेकिन अगर आपका शरीर सही प्रकार से इंसुलिन नहीं बना रहा हो या आपकी कोशिका सही प्रकार से प्रतिक्रिया नहीं दे रही हों, तब आपके शरीर में ग्लुकोज़ की मात्रा बढ़ जाती है और ये कोशिका में जाने की जगह आपके खून में ही रहता है, जिससे ये ऊर्जा में नहीं बदल पाता है।

आपकी प्रेगनेंट बॉडी नैचुरल तरीके से इंसुलिन की प्रतिरोधी बन जाती हैं, ताकि ग्लूकोज़ आपके बच्चे के पोषण के लिए मौजूद रहे। ये कई महिलाओ के लिए प्रोब्लेम नहीं होती है। लेकिन अगर आपके शरीर को ज़्यादा इंसुलिन की ज़रूरत होती है तो आपको दिक्कत हो सकती है।

ऐसी स्थिति भी होती हैं जहां अग्नाश्य प्रेगनेंसी में आपकी इंसुलिन की डिमांड को पूरा नहीं कर पाएगा, और इस समय आपके शुगर का लेवल काफी ऊपर जा सकता है, क्योंकि आपकी कोशिका ग्लुकोज़ का सही इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। इससे आपको गर्भावस्था की डायब्टीस हो सकती है।

हालांकि ये डायब्टीस स्थायी नहीं होती। बच्चे के पैदा होने के बाद शुगर का लेवल अपने आप ही नीचे आ जाता है। गर्भावस्था की डायब्टीस होने का ये मतलब नहीं है की आपको भविष्य में भी डायब्टीस होगी।

कैसे पता चले की आपको गर्भावस्था की डायब्टीस है?

ये बीमारी किसी को भी हो सकती है। इसके बारे में महिलाओं को कम ही पता होता है। कम से कम 5-10 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था की डायब्टीस होती है। हालांकि इन निम्न केस में आपको ये डायब्टीस होने के ज़्यादा चान्स होते हैं:

अगर आपकी बॉडी मास इंडेक्स 30 से ज़्यादा है

आपके जेनेटिक्स भी कारण हो सकते हैं। अगर आपके परिवार के पास के किसी इंसान को ये डायब्टीस हुई हो तो आपको भी ये दिक्कत हो सकती है।

आपको कोई ऐसी मेडिकल कंडिशन रह चुकी हो जिससे डायब्टीस हो सकता है। ये ग्लुकोज़ टोलरेंस के केस में हो सकता है।

यदि आपको पहले गर्भावस्था की डायब्टीस हो चुकी हो

आपकी उम्र 25 या ज़्यादा हो

आपको पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम हो

इस डायब्टीस से बच्चा नॉर्मल से कुछ ज़्यादा ही बड़ा होता है और इससे बच्चे को जन्म देने में आपको दिक्कत हो सकती है। इससे बच्चे में ब्लड ग्लुकोज़ लेवल भी कम हो सकता है, इसकी वजह से बच्चे को अच्छे पोषण आसानी से नहीं मिलेंगे।

दुर्भाग्य की बात है की किसी को इस बीमारी से पूरी तरह से नहीं बचाया जा सकता है। लेकिन कुछ तरीकों से इसके होने के रिस्क कम होते हैं। आपको स्वस्थ खाना लेना चाहिए, और संतुलित भी, नियमित एक्सर्साइज़ करें। इससे आपको इस बीमारी के होने के खतरे भी कम होते हैं।