बुखार को हल्के में ना लें, ये गर्भपात की वजह बन सकता है! जानिए प्रेगनेंसी में बुखार से कैसे लड़ना है

Fever during pregnancy

किसी भी प्रेगनेंसी में बुखार होना उतना आम नहीं है, क्योंकि ये प्रेगनेंसी के किसी भी संकेत में नहीं आता है, और अगर आपको बुखार होता है तो आपको प्रेगनेंसी से अलग कोई दिक्कत है। हालांकि आपके प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से आपको इस समय कोई भी बीमारी हो सकती है।

अगर आपको बुखार हो रहा तो आपको नीचे दी गई समस्या हो सकती है:

यूटीआई(यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फ़ैकशन)

ये तब होता है जब बैक्टीरिया आपके तंत्र में घुस जाता है और अपने आप को बढ़ाता है। कम से कम 10 प्रतिशत महिलाओं को इसका सामना करना पड़ता है। ज़्यादातर यूटीआई मूत्र थैली का इन्फ़ैकशन है और एंटीबायोटिक लेने पर ये ज़्यादा गंभीर नहीं हो पाते।

अगर इनका इलाज़ नहीं हुआ तो ये इन्फ़ैकशन आपकी किडनी तक जा सकता है या आपको अन्य दिक्कत हो सकती है। कुछ यूटीआई इन्फ़ैकशन के कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन ज़्यादातर लक्षण होते हैं, इसमें काफी ज़्यादा पेशाब करने का मन करना या पेशाब में जलन होना व बुखार शामिल है।

साधारण जुकाम

नाक बहना, नाक भरना, या खांसी जुकाम के लक्षण हैं। कमजोर प्रतिरोधक तंत्र होने की वजह से प्रेगनेंट महिलाओं जुकाम होने की संभावना काफी ज़्यादा रहती है। आपकी नाक बह सकती है, आपका गला बैठ सकता है। इनका उपचार घर पर हो सकता है

इंफ्लुएंजा

इसमें भी बुखार के लक्षण दिखते हैं, और ये एक प्रकार का बुखार ही है। इसमें आपको बुखार, जी मिचलने और उल्टी की समस्या हो सकती है। ये प्रेगनेंसी में काफी समस्या वाला बन सकता है। आपको कन्फ़्युशन हो सकता है की ये नॉर्मल फ्लू है या जुकाम है या कोई और संकेत हैं लेकिन फ्लू आपके जुकाम से काफी गंभीर होता है। अगर आपको लगे की आपको फ्लू है तो आपको अपने डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए।

बुखार के कुछ गंभीर कारण:

कोरिओमनिओनिटिस

ये एक बैक्टीरिया वाला इन्फ़ैकशन है जो भ्रूण के चारों ओर होता है व इसमें आपका एम्निओटिक द्रव छोड़ा जाता है, आपको इस समय पसीने आते हैं, सीने में जलन होती है और द्रव भी निकलता है। आपको इस समय आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए, वो बच्चे की जांच करके आपको एंटीबोयोटिक देंगे।

अगर इसका इलाज़ नहीं हुआ तो इससे बच्चे को दिक्कत हो सकती है, जिसमें सांस लेने से जुड़ी दिक्कत काफी अहम है।

लिस्टीरिया

ये समस्या आपको गंदे पानी या गंदे खाने से होती है। इसके लक्षण में बुखार, मसल में दर्द, जी मिचलना और दस्त होना शामिल है। सभी बच्चों जिनकी माँ को ये दिक्कत है इस इन्फ़ैकशन के होने का खतरा नहीं होता है, लेकिन इलाज़ नहीं करवाने पर इससे गर्भपात भी हो सकता है।

बुखार से कैसे बचा जाए?

आपको काफी पेय पदार्थ छोड़ने होंगे, साथ ही इस समय आपको पानी काफी अच्छी मात्रा में लेना होगा।

आपको इस समय गुनगुने पानी से नहाना है।

अपने सर पर ठंडे पानी से सिकाई करें।

हल्के कपड़े पहनें

अगर ऐसा करने पर भी आपकी स्थिति सही ना हो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें।