प्रेगनेंसी में गैस और सूजन

Gas & Bloating during pregnancy

प्रेगनेंसी में मेरे पेट में इतनी गैस क्यों है?

प्रेगनेंसी में आपका शरीर एक वजह से काफी गैस बनाता है और वो है आपके शरीर का कुछ ज़्यादा ही प्रोजेस्ट्रोन बनाना, एक ऐसा हार्मोन जिससे आपकी मसल रिलेक्स होती है, जिसमें आपकी पाचन नाल भी है। इन रिलेक्स मासपेशियों से आपका पाचन तंत्र धीमा होता है, जिससे आपके पेट में गैस बनती है, सूजन आती है, डकार आते हैं, और खाना लेने के बाद आपको अजीब सा लगता है।

वैसे लोग दिन में काफी बार गैस पास करते हैं, लेकिन जब आप प्रेगनेंट होती हैं तब आप काफी बार गैस छोड़ सकती हैं, या फुले हुए पेट की वजह से आपको अपना बटन खोलना पड़ सकता है। प्रेगनेंसी के आगे बढ़ने के साथ आपके बढ़ते हुए गर्भाशय की वजह आपके पेट में कम जगह बनती है, जिससे आपका पाचन तंत्र और धीमा होता है, व आपको पेट और भी ज़्यादा फूला हुआ लगता है।

इसी वजह से आपको सीने में जलन हो सकती है, या कब्ज़ हो सकता है। अगर आपको प्रेगनेंसी से पहले ये कोई भी दिक्कत नहीं रही हो, तब भी आपको ये दिक्कत हो सकती है।

गैस क्यों बनती है?

पाचन नाल में गैस दो वजह से बनती है: जब आप हवा अंदर लेती हैं और जब बैक्टीरिया आपकी बड़ी आंत में टूटकर ना पचे हुए खाने में मिल जाता है। ज़्यादातर ये गैस डकार से निकल जाती है, बाकी आपके नीचे के रास्ते निकल जाती है।

कुछ कार्बोहाइड्रेट आपके पेट फुलाने में सबसे ज़्यादा अहम भूमिका निभाते हैं। प्रोटीन और वसा से कम गैस बनती है, हालांकि वसा से आपको पेट फूलने और गैस का अहसास हो सकता है, क्योंकि इनसे आपका पाचन तंत्र धीमा हो सकता है।

कुछ लोगों को कुछ खाने से गैस हो जाती है, जो बाकी लोगों के लिए बिलकुल आम है। जिन लोगों को लैक्टोज़ की दिक्कत होती है उन्हें दूध के उत्पाद खाने से गैस हो जाती है। आपके कोलोन में बैक्टीरिया का बैलेन्स होना चाहिए।

क्या आहार बदलकर मैं अपनी गैस की समस्या सही कर सकती हूँ?

हाँ, आप ऐसा कर सकती हैं। जिस आहार से आपको सबसे ज़्यादा गैस बनने की चान्स होते हैं उसे ना खाकर आप अपनी गैस कम कर सकती हैं। लेकिन जिस भी खाने से आपको गैस बनती है उसे छोड़ना प्रेगनेंसी में पूरी तरह से सही नहीं है, क्योंकि ऐसे कुछ खाने से आपको संतुलित आहार मिलता है।

आप उन खानों को खाना छोड़ सकते हैं जिससे आपको गैस और पेट में फुलाव आता है। अगर आपको उससे आराम मिलता है, तो इन खानों को फिर से एक के बाद एक खाना शुरू करें और देखें की किससे आपको ज़्यादा आराम मिलता है। आप एक डायरी भी बना सकती हैं देखने के लिए की आपको क्या सही लग रहा है और क्या नहीं। निम्न चीजों से आमतौर पर गैस बनती है:

बीन्स, होल ग्रेन, और कुछ खास सब्जियों से भी गैस बनती है, जैसे पत्ता गोभी, फूलगोभी, हरी फूल गोभी आदि। इनसे कई लोगों को गैस बनती है।

फ्रुक्टोस: ये कई खाने की चीजों में प्रकृतिक रूप से मौजूद होता है, जैसे प्याज़, ड्राय फ्रूट, टमाटर, केचअप, मटर, सेब, शहद, गेहूं और फलों के जूस। मक्के का सिरप जो कई सोडा ड्रिंक में मिलाया जाता है, इससे भी पेट में भारीपन होता है।

कुछ स्टार्च: जैसे गेहूं, मक्का, और आलू

कुछ फाइबर वाले खाने: जैसे ओट, बीन्स, मटर, और अन्य फल। इनसे आमतौर पर गैस बनती है। गेहूं वैसे आपको सही प्रकार से पच जाता है। अगर आपको कब्ज़ है तो आप गेहूं खाकर आराम पा सकती हैं।

दूध के उत्पाद: जिन लोगों को लेक्टोस से दिक्कत होती है, उन्हें गैस होती है, उन्हें दस्त, पेट में दर्द भी दूध के उत्पादों से होता है। अगर आपको थोड़ी ही लेक्टोस से दिक्कत है तो आपने कोई लक्षण नोटिस भी नहीं किए होंगे, लेकिन प्रेगनेंसी में आप दूध के उत्पाद लेते ही गैस फील कर सकती हैं, आपको इस समय बिना लेक्टोस वाला दूध पीना चाहिए। अगर आप कोई भी दूध नहीं पी रही हैं तो आपको कैल्सियम सप्लिमेंट लेने की ज़रूरत पड़ती है। साथ ही अपने डॉक्टर से बात करके देखें की आपको सही मात्रा में विटामिन डी मिल रहा है या नहीं।

मैं पेट में भारीपन और गैस कम करने के लिए क्या कर सकती हूँ?

आहार को नियंत्रित करने के साथ आप नीचे दी गई चीज़ कर सकते हैं:

एक दम से काफी खाना नहीं लें। इसकी जगह आपको थोड़ा-थोड़ा काफी बार लेना चाहिए।

खाने को सही तरह से चबाएँ। खाते हुए बात ना करें।

आपको खाते हुए कम से कम पीना चाहिए। आपको दिन में सही प्रकार से पानी पीना है।

कप या गिलास से पानी लें- आपको इस समय बोतल या स्ट्रो से पानी नहीं लेना है- और हाँ एक दम से भी काफी पानी ना पीएं।

कार्बोहाइड्रेट वाला पेय-पदार्थ ना लें।

आर्टिफ़िशियल या नकली मीठे से बचें

च्विंग गम ना चबाएँ, या कोई सख्त चीज़ भी ना चबाएँ।

खाते, पीते हुए आपको सही से बैठना है, यहाँ तक की थोड़ी मात्रा में भी अगर आप खा रही हैं तब भी आपको बैठना है।

अपने आप को हमेशा हिलाती रहें, ये आपके लिए अच्छा है।

कब्ज़ से बचें या इसका इलाज़ कराएं क्योंकि इससे भी आपको पेट में भारीपन लग सकता है।

इस समय धूम्रपान तो बिलकुल ना करें। ऐसा करने से आपको स्वास्थ से जुड़ी दिक्कत तो होगी ही, साथ ही इससे आपको पेट में एसिडिटी भी होगी। प्रेगनेंट होने से पहले ही आपको स्मोकिंग छोड़नी है। अगर आपको छोड़ने में दिक्कत हो रही है तो अपने डॉक्टर से बात करें।

आपको प्रसव पूर्व के योगा भी करने चाहिए, इससे आपको आराम मिलेगा। योगा करने से आपकी स्वशान क्रिया भी अच्छी होती है।

अगर आपको इन सलाह से भी फायदा ना हो तो अपने डॉक्टर से पूछें की क्या आप गैस के लिए कोई दवाई ले सकती हैं। कभी भी अपनी मर्ज़ी से कोई दवाई न लें, कुछ दवाई प्रेगनेंसी में अच्छी नहीं होती हैं।

क्या गैस कभी-कभी बुरा संकेत भी ला सकती है?

हाँ, ऐसा हो सकता है। अगर आपको पेट में भयंकर दर्द हो, मोरोड़े हों, या आपके मल में खून निकल रहा हो, साथी आपको दस्त, कब्ज़ और जी मिचलने की समस्या हो रही हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को फोन करें।

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