पाँव में एंठन की वजह से टहलने में दिक्कत हो रही है? इन छह तरीकों से आप इस समस्या में राहत पा सकती हैं!

Leg cramps during pregnancy

प्रेगनेंसी में पाँव में एंठन के साथ खिंचाव आना काफी आम है, और लगभग सभी महिलाओं को इसे महसूस करना पड़ता है, खासकर तीसरी तिमाही में ये कुछ ज़्यादा ही महसूस होते हैं। शाम के समय आपको ये कुछ ज़्यादा परेशान करता है।

पाँव में एंठन आती क्यों है?

पाँव में खिंचाव या एंठन आपके बढ़ते हुए वज़न की वजह से आती है और खून के संचार में बदलाव से भी ऐसा होता है। आपका बढ़ता हुआ बच्चा आपकी तंत्रिका पर दबाव बनाता है और रक्त कणिका की वजह से भी आपको पाँव में एंठन आ सकती है। कभी-कभी इसमें आपको काफी दर्द होता है, और ये दर्द असहनिए हो सकता है। निम्न तरीकों से आप इस दर्द से बच सकती हैं:

फिट और चुस्त रहें: आपको पाँव में एंठन या मोच से बचने के लिए हमेशा एक्टिव रहने की ज़रूरत होती है। ऐसा आप तब भी कर सकती हैं जब आप नियमित रूप से एक्सर्साइज़ करती हैं। हालांकि आपको कोई भी एक्सर्साइज़ करने से पहले अपने डॉक्टर से हमेशा सलाह लेनी चाहिए।

सिकाई करें: आप इस दर्द को कम करने के लिए पानी की बोतल से सिकाई या पैड का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आपका दर्द कुछ देर के लिए गायब हो जाएगा।

मैग्नीशियम लें: ऐसा खाना खाने की कोशिश करें जिसमें मैग्नीशियम के तत्व पाए जाते हों। इन खानों में अनाज वाला खाना, बीन्स, मेवे, और नट्स शामिल हैं। कई अध्यन से पता चला है की मैग्नीशियम से पाँव में एंठन की समस्या कम होती है।

पाँव का खयाल रखें: आप वो जूते पहनें जो आपके लिए आरामदायक हो, ऐसे जूते ना पहनें जो दिखने में आरामदायक लगे, किसी भी जूते को पहनकर देखें। थोड़े हील्स वाले जूते पहनना आपके लिए अच्छा है, इससे आपकी एड़ी लॉक रहती है।

पानी सही से लें: प्रेगनेंसी में पानी काफी अहम चीज़ होती है। आपको हमेशा पानी लेते रहना है, चाहे आपको प्यास लगे या नहीं, पर आपको ध्यान रखना है की आपको अपने लिए और बच्चे के लिए पानी लेना है।

स्ट्रेचिंग: अपने पाँव को लगातार हिलाते रहें, और इसमें खिंचाव भी करें। सोने से पहले और सुबह-सुबह अपने पाँव में खिंचाव करें।

आपको ऊपर दी गई सभी बातों को दिमाग में रखना है, और सब ठीक ही रहेगा। आपको बस एक्सर्साइज़ करनी है और चुस्त रहना है। आपकी प्रेगनेंसी मंगलमय हो!