क्या प्रेगनेंसी के बाद मेरे पीरियड्स(मासिक धर्म) में बदलाव होगा?

periods after pregnancy

प्रेगनेंसी के दौरान आपके शरीर में इतने बदलाव होते हैं की मासिक धर्म से मिले ब्रेक पर आप ज़्यादा ध्यान नहीं दे पाती हैं।

लेकिन बाद में क्या होता है? प्रेगनेंसी के बाद क्या मेरे पीरियड में बदलाव होता है? क्या बाद में कोई नई चुनौती आएंगी? क्या एंठन और बिगड़ेगी?

इस सब का जवाब है की कुछ भी हो सकता है।

बच्चा पैदा करने के बाद कई महिलाएं पीरियड में बदलाव की शिकायत करती हैं। जो महिलाएं बच्चे को अपना दूध नहीं पिलाती हैं उनके साथ महावारी में तीन चीज़ें हो सकती हैं- पीरियड नॉर्मल हो जाएंगे, पीरियड और बिगड़ेंगे, या पीरियड में सुधार होगा।

जिस समय आप बच्चे को दूध पीला रही हों, उस समय कम से कम कुछ महीनों के लिए आपको पीरियड नहीं होंगे।

दूध को बनाने के लिए दिमाग उच्च लेवल के प्रोलैक्टिन हार्मोन बनाता है। इसका मतलब है की आपका अंडाशय अंडे बनाना बंद कर देता है। तो इस वजह से आपके पीरियड नहीं होने की संभावना काफी ज़्यादा है।

प्रेगनेंसी के बाद नॉर्मल पीरियड होना सामान्य है, लेकिन अगर आप बच्चे को दूध नहीं पीला रही हैं या आपने दूध पिलाना बंद कर दिया है तो आपको बच्चा होने के बाद नॉर्मल पीरियड होने शुरू हो जाएंगे। अगर आपके पीरियड नॉर्मल हैं तो यह आपको 21 से 35 दिनों के बीच होंगे, और खून 2 से 7 दिन तक बहेगा।

प्रेगनेंसी या बच्चे के पैदा होने से भविष्य के पीरियड पर क्या असर पड़ता है?

जैसा की पहले बताया गया, कुछ भी हो सकता है। कुछ महिलाएं बच्चा पैदा करने के बाद ज़्यादा दर्द वाले, और लंबे समय वाले पीरियड देखती हैं। इन बदलाव से आपके गर्भाशय छिद्र और बड़े हो सकते हैं, जिससे ज़्यादा अंत योनी जगह से और खून बह सकता है।

कुछ महिलाओं के लिए पीरियड अच्छे होते हैं। बच्चा पैदा करने के बाद आपका गर्भाशय फैल जाता है, और गर्भाशय ग्रीवा चौड़ी हो जाती है। मात्र इस वजह से भी भविष्य में पीरियड अच्छे हो सकते हैं।

हल्के और आसान पीरियड हमेशा आपके लिए अच्छे नहीं होते

प्रेगनेंसी के बाद कुछ महिलाओं को हल्के या बिलकुल भी पीरियड नहीं होने की संभावना रहती है, ऐसा दो वजह से होता है:

  • एशरमन सिंड्रोम. ऐसा गर्भाशय की लाइन में घाव के निशान की वजह से होता है। गर्भपात या प्रसव के बाद डॉक्टर D&C(फैलाव और खुरचने) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • शीहन्स सिंड्रोम: ऐसा काफी खून बहने या लो ब्लड प्रैशर से पीयूष ग्रंथि में हुए नुकसान के बाद होता है। इससे अंडाशय काम करना बंद कर देता है और पीरियड रुक जाते हैं। शीहन्स सिंड्रोम के उपचार के लिए हार्मोन थेरेपी काफी आम तरीका है।

प्रेगनेंसी के बाद यदि आपके पीरियड में कुछ बड़े बदलाव हुए हैं तो आपको अपने डॉक्टर से ज़रूर मिलना चाहिए।