प्रेगनेंसी में त्वचा में होने वाले बदलाव

skin changes during pregnancy

नीचे दिए हुए कुछ बदलाव आपके साथ प्रेगनेंसी में आपकी त्वचा में हो सकते हैं:

  • स्ट्रेच मार्क
  • दाग
  • त्वचा का कलर बदल जाएगा
  • टूटी हुई नस
  • संवेदनशील त्वचा
  • खुजली वाली त्वचा
  • मुहासे

प्रेगनेंसी में त्वचा में जो भी बदलाव होते हैं उसकी वजह हार्मोन में बदलाव और शरीर में बदलाव जैसे पेट का खिंचना है। माँ के प्रतिरक्षा तंत्र यानी इम्यून सिस्टम में बदलाव से भी ऐसा होता है। कुछ बदलाव जैसे स्ट्रेच मार्क वंशानुगत है।

मुहासे सीबम के ज़्यादा बनने की वजह से होते हैं(एक ऐसा तेल जो त्वचा को चिकना रखता है)। अधिक सीबम होने से छेद ढक जाते हैं मलतब मुहासे।

इनमें से ज़्यादातर बदलाव बच्चे के जन्म के कुछ हफ्ते बाद चले जाते हैं। ये त्वचा के बदलाव आमतौर पर ज़्यादा बड़ी समस्या नहीं है, इसलिए इनके बारे में ज़्यादा नहीं सोचना चाहिए।

इन हार्मोनल और पेट में खिंचाव की वजह से त्वचा ज़्यादा नाज़ुक बन जाती है। यह संवेदनशीलता, साबुन, डिटर्जेंट और कॉस्मेटिक समान के लिए इस समय कुछ ज़्यादा ही बढ़ जाती है। जैसे ही त्वचा तेज़ी से बढ़ती है और बच्चे को ढकती है वैसे ही स्ट्रेच मार्क भी दिख सकते हैं।

तेल और संसक्रीन लगाने से प्रेगनेंसी में त्वचा आसानी से एडजस्ट हो जाती है। साथी ही काफी पानी पीने से आपको मदद मिलती है। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती। अच्छा खाना खाने और पोषक तत्व लेने से भी सहायता होती है।

मुझे कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

आपको नीचे दी गई कंडिशन में डॉक्टर के पास जाना चाहिए:

  • त्वचा में जलन
  • त्वचा में लालपन
  • त्वचा में खुजली और चिड़चिड़ाहट
  • छाला
  • सोरायसिस
  • खुजली
  • तिल के रंग और आकार में बदलाव होना

ऊपर दी गई चीजों के अलावा अगर आपको नीचे दी गई कोई भी कंडिशन/लक्षण हैं तो आपको डॉक्टर को इसके बारे में बताना चाहिए

झाई

माँ के माथे, गाल और गर्दन पर भूरे धब्बे, मेलेस्मा यानी झाई कहलाती है। यह मिलेनिन नाम के हार्मोन के ज़्यादा बनने की वजह से होता है, यह आपको UV लाइट से बचाता है। प्रेगनेंसी के समय संसक्रीन इस्तेमाल करने से मदद होती है।

लिनिया नाइग्रा

यह माँ के पेट में खड़ी लाइन के बीच में दिख सकती है। यह आमतौर पर दूसरी तिमाही में दिखाई देती है। यह पेट के खिंचाव की वजह से होती है।

इंटीट्राइगो

महिला की जांघ और स्तन के नीचे की त्वचा लाल, जलन वाली और छाले वाली हो सकती है। इसे इंटीट्राइगो कहते हैं। इन निम्न तरीकों से आपको इसका असर कम से कम करने में मदद मिलती है:

  • पाउडर का इस्तेमाल करके आप उस जगह को सूखा सकती हैं
  • आरामदायक सूती कपड़े पहनना

ऐसा कुछ ज़्यादा बढ़ने पर आपको अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, ताकि समस्या फंगल इन्फ़ैकशन में ना बदल जाए।

प्रेगनेंसी में त्वचा में बदलाव होना आम है। अपनी साफ-सफाई रखके और लक्षण को नोट करके आप अपनी त्वचा के निखार को बरकरार रख सकती हैं।