प्रेगनेंसी के समय खिंचाव के निशान

Stretch marks

प्रेगनेंट महिलाओं के लिए खिंचाव के निशान सबसे बड़ी चिंता का विषय होते हैं। इस समय आपका शरीर आपकी त्वचा से काफी तेज़ी से बढ़ता है, इसी वजह से आपकी त्वचा में खिंचाव आता है, इसे स्ट्रेच मार्क कहते हैं। आपके पेट के बढ्ने की वजह से आपके पेट की त्वचा ज़्यादा फ़ेल नहीं पाती और वहाँ खिंचाव के निशान दिखते हैं।

डॉक्टर के अनुसार आप 9 महीनों की प्रेगनेंसी में लगभग 30 पाउंड वज़न बढ़ाती हैं। इस रफ्तार से वज़न बढ़ाने से आपकी जांघ, स्तन और हाथ में स्ट्रेच मार्क पड़ सकते हैं। ये लाल या बैंगनी से होते हैं लेकिन प्रेगनेंसी के बाद ये सफ़ेद या ग्रे हो जाते हैं। अगर आपकी त्वचा काफी लाइटर है तो आपके खिंचाव के निशान पिंक कलर के दिख सकते हैं और अगर ये गाढ़ी है तो ये आपकी त्वचा से थोड़ा हल्के रंग के होंगे।

अगर आप कुछ ज़्यादा ही चिंता कर रही हैं तो चिंता छोड़ दें! इस बारे में आपको ज़्यादा नहीं सोचना। ये स्वस्थ प्रेगनेंसी की निशानी है। 90% प्रतिशत महिलाओं को स्ट्रेच मार्क होता है। कभी-कभी ये आनुवांशिक भी हो सकता है। अगर आपकी माँ को ये थे तो आपको भी ये हो सकते हैं।

इनके गंभीर होने से पहले आप ये कर सकती हैं:

अच्छा आहार लें, इसमें फल, सब्जी, और सेरियल शामिल होना चाहिए। ये इतने पोषक होते हैं की इससे आपकी त्वचा स्वस्थ रहती है।

एक्सर्साइज़ करने से भी आप स्ट्रेच मार्क से बचाव कर सकती हैं।

कई महिलाएं स्ट्रेच मार्क से बचने के लिए क्रीम भी लगाती हैं। हालांकि इसका कोई सबूत नहीं है की इससे कोई असर पड़ता है। लेकिन इससे कोई नुकसान भी नहीं है।

आप इन क्रीम को मोइश्चराइज़र या तेल के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। अपनी त्वचा का खयाल रखने से आपको प्रेगनेंसी में अच्छा लगेगा। इससे आपकी त्वचा में नए ऊतक बनने में भी मदद मिलेगी।

अच्छी बात ये है की बच्चे के जन्म के 6-12 महीने बाद ये निशान अपने आप कम होते हैं। प्रेगनेंसी में जितना वज़न आपको बढ़ाने के लिए कहा जाता है यदि आपने वो वज़न बढ़ाया रखा तो इससे आपको स्ट्रेच मार्क होने का खतरा कम रहता है।