प्रेगनेंसी और दूसरी तिमाही

Second Trimester Pregnancy

जैसे ही आप अपनी प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में जाती हैं वैसे ही पिछले तीन महीनों से आपको तंग करने वाली जी मिचलने और थकान की समस्या अपने आप गायब होनी शुरू हो जाती है, इससे आपमें फिर से ऊर्जा का संचार होता है, और आपको प्रेगनेंसी से पहले वाली फीलिंग आ सकती है।

ज़्यादातर महिलाओं के लिए ये समय काफी आसान होता है, मतलब इन तीन महीनों में उन्हें सबसे कम दिक्कत होती है। इस समय आप बच्चे के आने की तैयारी कर सकते हैं, क्योंकि अभी आप काफी अच्छा महसूस कर रही होंगी।

दूसरी तिमाही में आपका बच्चा काफी तेज़ी से बढ़ता है। आपके 18 से 22वें हफ्ते के बीच आपके डॉक्टर आपका एक अल्ट्रासाउंड करवाएँगे जिससे उन्हें पता चलेगा की बच्चे का विकास कैसा हो रहा है। इस समय आपको ये भी पता चलेगा की आपके बच्चे का लिंग क्या है। हाँ, अगर आपको बाद में इसका पता करना है तो आप इससे बच सकती हैं।

हालांकि आपको अभी काफी अच्छा लग सकता है लेकिन इस समय भी आपके शरीर में काफी बड़े बदलाव होते हैं। आप इस समय इसकी उम्मीद कर सकती हैं:

आपके शरीर में बदलाव

पीठ में दर्द: आपने पिछले कुछ महीनों में जो फालतू वज़न बढ़ाया है उससे आपकी पीठ पर अब दबाव पड़ना शुरू हो गया होगा, इससे आपकी पीठ में दर्द और सूजन आ सकती है। इस दबाव को कम करने के लिए आप उस कुर्सी पर सीधा बैठें जो आपकी पीठ को अच्छा सपोर्ट देती हो। आप अपनी एक साइड पर सोएँ, और आपकी टांग के बीच में तकिया होनी चाहिए। कुछ भी भारी समान उठाने से बचिए। अपने पार्टनर को अपने दर्द वाले हिस्से को मसलने को कहें, या मसाज लें।

मसूड़ों से खून निकलना: लगभग आधी प्रेगनेंट महिलाओं को मसूड़ों में सूजन और दर्द रहता है। हार्मोन्स में बदलाव की वजह से आपके मसूड़ों में ज़्यादा खून जाता है इससे वो काफी नाज़ुक हो आते हैं और खून भी निकलता है। बच्चे के पैदा होने के बाद वैसे सब नॉर्मल हो जाना चाहिए। आपको इस समय काफी कोमल ब्रश का इस्तेमाल करना चाहिए, और दांत का खयाल भी रखें। अध्यन से पता चला है की जिन महिलाओं को मसूड़ों की बीमारी होती है उनका प्रसव समय से पूर्व हो सकता है और बच्चे का जन्म भी कम वज़न वाला और समय से पूर्व हो सकता है।