तिमाही के अनुसार आपमें भावनात्मक बदलाव

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मैं हर समय रो क्यों रही हूँ? मैं हर समय गुस्सा क्यों हो रही हूँ? ये सब सवाल आपके दिमाग में आते हैं जब आप प्रेगनेंट होती हैं। लेकिन इस समय मूड बदलना काफी आम होता है, और इसके बारे में आप कुछ ज़्यादा कर भी नहीं सकती हैं।

मेरा मूड क्यों बदलता है?

एक समय पर आपकी फेवरेट मिठाई प्रेगनेंसी में आपको इतनी बुरी लग सकती है की आपको उल्टी आ जाए। हार्मोनल बदलाव की वजह से ऐसा होता है। प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन की वजह से होता है, ये दोनों हार्मोन्स पूरे मूड स्विंग की वजह हैं। प्रेगनेंसी आगे बढ्ने के साथ आपको एक नया इंसान हर दिन दिखाई देगा।

तिमाही के अनुसार भावनात्मक बदलाव:

पहली तिमाही

इस समय आपको जी मिचलने की समस्या काफी ज़्यादा होगी। जी मिचलने और थकान की वजह से आप बार-बार चिढ़ सकती हैं। आपको अपनी प्रेगनेंसी के बारे में काफी अच्छा लगेगा पर आपके अंदर हो रहे बदलाव आपको व्याकुल कर देंगे।

अपने आपको आप एक तरीके से अच्छा लगवा सकती हैं, और वो है अपने परिवार और दोस्तों को बताना। कई महिलाएं अपनी प्रेगनेंसी के बारे में पहली तिमाही में किसी को नहीं बताती, लेकिन आप सबको बता सकती हैं और क्या पता लोगों की खुशी से आपकी खुशी भी बढ़ जाए। इस समय आप आम काम भी नहीं कर पाएँगी, लेकिन आपको कोई भी काम करने के लिए एक रास्ता निकालना है। अगर आपको यह सहन नहीं हो रहा है तो अपना अल्ट्रासाउंड करवा लें। बच्चे की तस्वीर देखकर आपको अच्छा लगेगा और आपमें आगे बढ़ने की शक्ति भी आएगी।

दूसरी तिमाही

ये पहली तिमाही से थोड़ा आसान समय होगा। इस समय तक आपकी जी मिचलने की समस्या और थकान जा चुकी होग। आपको इस समय काफी रोचक लगेगा क्योंकि आपका बच्चा अब काफी हिलता ढुलता रहेगा।

इस तिमाही में भी कुछ बुरे पल हैं। इस समय आप काफी बातें भूल जाएंगी, और आप लापरवाह हो जाएंगी। इस समय आप अपने चेहरे को लेकर कुछ ज़्यादा ही सोचना शुरू कर सकती हैं, और इसकी वजह है आपके शरीर में हो रहे शारीरिक बदलाव। आपका पेट इस समय बढ़ेगा, पाँव सूजेंगे और आपके स्तन भी बढ़ते हुए दिखाई देंगे। चिंता ना करें। इस समय आप अपने बच्चे से बात करके खुदको अच्छा फील करवा सकती हैं, इससे आपका तनाव भी कम होगा।

तीसरी तिमाही

इस समय आप काफी दुविधा में हो सकती हैं। आपकी डेट पास आने के साथ आपको काफी डर और व्याकुलता लग सकती है। इस समय आपको अपने इमोशन पर कंट्रोल करना है। इस समय अपने आप को बिज़ि रखें, और बच्चे के लिए प्लैन बनाएँ।

प्रेगनेंसी कुछ महिलाओं के लिए काफी मुश्किल हो सकती है, इस समय ऐसी महिलाएं डिप्रेशन यानी अवसाद में जा सकती हैं। अगर आपको काफी व्याकुलता या बेचैनी हो रही है और आपको किसी चीज़ से मदद नहीं हो रही है तो अपने डॉक्टर से तुरंत बात करें।