निषेचन के समय आपका बच्चा

Human Fertilization
Human Fertilization

पहला हफ्ता 

Mature Human Sperm
Mature Human Sperm

गर्भधारण किस समय हुआ उसका सटीकता से पता लगाना लगभग नामुमकिन और इसलिए प्रेगनेंसी के पहले हफ्ते का पता लगाना भी मुश्किल है। इसलिए डॉक्टर आपके आखरी पीरियड के पहले दिन से 40 हफ्तों तक आपकी प्रेगनेंसी को रखते हैं। इसका मतलब वो आपके पीरियड को आपकी प्रेगनेंसी में गिनते हैं, वो भी इस समय बिना गर्भधारण के।

महावारी के समय महिला के शरीर से कोश उत्प्रेरक हार्मोन बनता है। इससे आपके अंडाशय में एक अंडे का विकास होता है। अंडा कोश में ही परिपक्व होता है। महावारी के अंत होने के बाद आपका शरीर ल्यूटिनाइज़िंग हार्मोन बनाते हैं। इस हार्मोन की वजह से आपके अंडे उत्सर्जित होते हैं, इसी घटना को अंडोत्सर्जन कहते हैं। अंडा धीरे से फोलोपिन ट्यूब में चला जाता है और उपजाऊ शुक्राणु का इंतज़ार करता है। अगर महिला इससे पहले या इस समय सेक्स करे तो वह प्रेगनेंट हो जाती है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अंडा और लाइनिंग पीरियड में निकल जाता है।

nstrual period.

दूसरा हफ्ता 

Human Ovum
Human Ovum

गर्भधारण तब होता है जब आप और आपके पार्टनर सेक्स करते हैं। जब आपके पार्टनर शुक्राणु छोड़ते हैं तो आपकी योनी में एक शुक्राणु की कोशिका छोड़ते हैं। हर शुक्राणु की पूंछ सी होती है जो सीधे आपके अंडे की तरफ जाते हैं। इनमें से लाखों शुक्राणु आपके प्रजनन तंत्र से होकर जाते हैं, और फिर आपकी गर्भाशय के नीचे के हिस्से में पहुँचते हैं, इस हिस्से को गर्भाशय ग्रीवा कहते हैं, और फिर यह फ़ेलोपिन ट्यूब में जाते हैं। निषेचन तब होता है जब एक शुक्राणु अंडे की दीवार में घुस जाता है।

प्रेगनेंसी टेस्ट: पीरियड नहीं होने के पहले दिन अगर किसी महिला ने टेस्ट लिया तो चान्स हैं की आपका प्रेगनेंसी टेस्ट नेगेटिव ही आए, इसलिए आप सोचें की आप प्रेगनेंट ही हैं और एक हफ्ते बाद फिर से टेस्ट लें।

तीसरा हफ्ता 

Baby during fertilization
Fertilization

अंडे में जाने के बाद, एक कोशिका वाला निषेचित अंडा ही निषेचन में आपका बच्चा है, इसे ज़ायगोट कहते हैं, यह तुरंत ही अपने चारों ओर दीवार बना लेता है, और बाकी शुक्राणु से अपना बचाव करता है। जायगोट में 46 क्रोमोसोम होते हैं 23 आपके और 23 आपके पार्टनर के। इन क्रोमोसोम से ही आपके बच्चे का लिंग तय होता है। महिला के अंडों में केवल एक्स क्रोमोसोम होते हैं, वहीं शुक्राणु में एक्स और वाय दोनों क्रोमोसोम होते हैं। एक्स क्रोमोसोम का शुक्राणु अगर एक्स क्रोमोसोम के अंडे से मिलता है तो लड़की का जन्म होगा। वहीं अगर वाय क्रोमोसोम के शुक्राणु का मिलन एक्स क्रोमोसोम के अंडे से होता है तो लड़का पैदा होगा।

निषेचन के बाद कोशिका के क्लस्टर फ़ेलोपिन ट्यूब में जाते हैं और खुदकों स्थापित करते हैं। जुड़वा बच्चे दो स्थिति में हो सकते हैं। ऐसा तब होता है जब दो अलग-अलग अंडे दो अलग-अलग शुक्राणु द्वारा निषेचित किए जाते हैं। इसका मतलब दोनों ही बच्चों की अपनी गर्भनाल और एम्निओटिक थैली होगी। वहीं अगर एक निषेचित अंडा दो भ्रूण में विकसित होता है तो हमारे पास एक जैसे दिखने वाले जुड़वा बच्चे होंगे। ये दोनों गर्भनाल को शेयर कर सकते हैं, लेकिन आमतौर पर दोनों ही बच्चों की अलग-अलग एम्निओटिक थैली होती है।