बच्चे की आँख का रंग

Baby eye colour

बच्चे की आँख में नीले या भूरे रंग की झलक दिख रही है, लेकिन क्या हमेशा ऐसा ही होगा? इस तरीके से बताया जा सकता है की आपके बच्चे की आँख का रंग बदलेगा या नहीं।

बच्चे की नीली आँख में देखिए, क्योंकि इस बात की उम्मीद है की ये आँख भूरी बन सकती हैं। क्या बच्चा बाद में रंग बदलेगा यह कहना मुश्किल है। अफ्रीकन अमेरिकन, हिस्पेनिक और एशिया के बच्चे शुरू से ही गाढ़ी आँखों के साथ पैदा होते हैं जो बाद में जाकर गाढ़ी ही रहती हैं, हालांकि पहले साल में रंग का शेड बदल सकता है। लेकिन गोरी जाती के बच्चे अक्सर गाढ़ी नीली आँख के साथ पैदा होते हैं, ये रंग पहले जन्म से पहले कई बार बदल सकता है।

बच्चे की आँख का रंग किस वजह से बदलता है? इसका जवाब आँख की पुतली में छुपा है, और उसमें मौजूद मेलेनिन की मात्रा पर। और इस पर भी बच्चे के अंदर आए जींस से फर्क पड़ता है।

बच्चे की आँख के रंग में मिलेनिन की क्या भूमिका है?

मिलेनिन कोशिका से बनता है, यह ऐसा पिमेंट है जो आपकी त्वचा और बालों को रंग देता है। जैसे धूप त्वचा को काला करती है वैसे ही यह आंखो पर असर डालती है। जैसे ही आपका बच्चा दुनिया में आता है वैसे ही प्रकाश उसकी आँखों पर पड़ता है जो यही प्रकाश उसकी आँखों में मिलेनिन बनाता है।

आँखों का रंग कब बदलता है?

सबसे अलग तरीके से रंग तब बदलता है जब बच्चा 6 से 9 महीने के बीच होता है। इस समय तक आँख की पुतली में इतना रंग जमा हो जाता है की आप अंदाज़ा लगा सकते हैं की बच्चे की आँख किस रंग की होगी। इसके बाद भी आपके बच्चे की आँख आपको चौंका सकती है। 3 साल की उम्र तक बच्चे की आँखों का शेड बदलता है। 10 प्रतिशत लोगों में आँख का रंग उनकी जवानी तक बदलता है।